जानें ऐसे ही कुछ आदतों के बारे में जानते हैं, जिनमें सुधार लाकर गर्मी के मौसम में स्वस्थ्य रहा जा सकता है..

गर्मियां आते ही बहुत से लोगों को लगता है अब तो बाहर घूमने के दिन आ गए हैं। लेकिन शायद वो यह नहीं समझते कि जरूरत से ज्यादा धूप के संपर्क में रहने से उनके शरीर पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस दौरान कुछ सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक हो जाता है। तो चलिए ऐसे ही कुछ आदतों के बारे में जानते हैं, जिनमें सुधार लाकर गर्मी के मौसम में स्वस्थ्य रहा जा सकता है।

गर्मी के दिनों में इन आदतों में करें बदलाव

डिहाइड्रेशन

गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी आदत जिसमें बदलाव करना चाहिए, वो है पानी पीने की आदत में। अगर शरीर को भरपूर मात्रा में पानी न मिले तो चक्कर आना, थकान और सिरदर्द जैसी समस्या हो सकती है। याद से पूरे दिन खूब पिएं, खासकर जब आप आउटडोर काम कर रहे हों। गर्मी के मौमस में शराब, शक्कर वाले ड्रिंक और कैफीन जैसे पेय पदार्थों के अधिक सेवन से बचें। ये डिहाइड्रेशन के खतरे को बढ़ा सकते हैं। जब प्यास लगे तो ग्लोकोज या फिर नींबू पानी का सेवन करें।

खराब डाइट

गर्मियों के दौरान हम वो सभी अनहेल्दी फूड्स खा लेना चाहते हैं, जिसे हम सर्दियों में नहीं खा पाते। जैसे आइस्क्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स समेत अन्य जंक फूड्स। एक तरफ जहां अनहेल्दी फूड्स में मौजूद कैलोरी और मीठे की वजह से वजन बढ़ सकता है, तो वहीं दूसरी ओर ये शरीर को खराब पोषण भी देते हैं। इसलिए, प्रोसेस्ड और तले हुए फूड्स, मीठे स्नैक्स और मीठे ड्रिंक्स का अधिक सेवन सीमित कर दें। तले हुए के बजाय ग्रिल्ड या भुने हुए फूड आइटम्स का विकल्प चुनें और स्नैक्स के रूप में ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।

सनस्क्रीन नहीं लगाना

सनस्क्रीन केवल बीच पर या पूल साइड के लिए नहीं है। इसका रोजाना इस्तेमाल बेहद आवश्यक है। जब भी आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो इसे अपनी त्वचा पर जरूर लगाएं। यूवी किरणें बादलों के दिनों में भी मौजूद रहती हैं और खिड़कियों से भी प्रवेश कर सकती हैं। सनस्क्रीन स्किप करने से सनबर्न, समय से पहले एजिंग और स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कम से कम एसपीएफ 30 वाला एक ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुनें और रोजाना अपने चेहरे, गर्दन, कान और हाथों सहित शरीर के अन्य खुले हिस्सों पर लगाएं।

सूरज के साथ ओवरएक्सपोजर

धूप शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करने का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है। लेकिन अधिक समय तक इसके संपर्क में आने स त्वचा से लेकर समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। लंबे समय तक अल्ट्रावॉइलेट (यूवी) किरणों के संपर्क में रहने से सनबर्न, समय से पहले बुढ़ापा और स्किन कैंसर जैसी समस्या का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए सुरक्षात्मक कपड़े पहनना महत्वपूर्ण है, जैसे टोपी, धूप का चश्मा और खुली हुई त्वचा पर कम से कम एसपीएफ 30 वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल। पीक ऑवर्स (सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे) के दौरान कोशिश करें कि धूप का संपर्क ज्यादा न हो।

कम गतिविधि वाली जीवनशैली

गर्म मौसम और लंबे दिन आपको आलस से भर सकते हैं। इस दौरान गतिहीन जीवन शैली से बचना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ्य शरीर और मन के लिए शारीरिक व्यायाम आवश्यक है। चाहे टहलने जाएं, साइकिल चलाएं, स्विमिंग करें या फिर कोई अन्य आउटडोर एक्टिविटी में शामिल हों। फिटनेस गोल तैयार करें और उसके हिसाब से अपना डाइट लें। कोशिश करें कि बहुत लंबे समय तक बैठने से ब्रेक लें।

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