ऑनलाइन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी में पूर्वांचल का सिद्धार्थनगर जिला भी शामिल, सोनी का कैमरा सहित तमाम सामान बरामद, सीबीआई ने की छापेमारी

लखनऊ/गोरखपुर। ऑनलाइन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी (Online Child Pornography) के संदर्भ में दिल्ली के हाई प्रोफाइल मामले के तार सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) जिले से भी जुड़े हुए हैं। जिले के इटवा थाना क्षेत्र के बिशनपुरवा बैराडीह गांव में लखनऊ (Lucknow) से सीबीआई (CBI) की तीन सदस्य टीम ने छापेमारी की. सर्च वारंट लेकर एक आरोपित के घर से सोनी का कैमरा, कैसेट्स, 4 मोबाइल आदि बरामद किया. आरोपित पर दिल्ली में आईटी एक्ट के तहत केस भी दर्ज है. टीम सारा समान सील करके अपने साथ लेकर चली गई है. तीन सदस्यीय सीबीआई की टीम ने बिशनपुरवा बैराडीह गांव में लगभग 4 से 5 घंटे तक सघन चेकिंग की.

लखनऊ की टीम ने की छापेमारी
लखनऊ से आई सीबीआई की टीम में इंस्पेक्टर आरएन सिरोटिया, कुमार एवं अरुण कुमार ने अभियुक्त के घर सर्च वारंट लेकर संघन चेकिंग की और इस दौरान कैमरा 4 मोबाइल हैंडसेट एवं कैसेट्स को बरामद किया. बताया जा रहा है की ऑनलाइन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़ा दिल्ली का एक हाई प्रोफाइल मामला है, इसमें हाल के दिनों में सीबीआई ब्रांच में केस दर्ज हुआ है. सीबीआई ने पूरे देश के 14 राज्यों में एक साथ छापेमारी और 76 लोकेशन को ट्रेस करने के बाद छापे मारे.


आज होगी सीबीआई के सामने पेशी
आज आरोपी की दिल्ली में सीबीआई के सामने पेशी है, जहां पर उसे सीबीआई के सवालों का जवाब देना है. सघन चेकिंग के बाद सीबीआई की टीम ने नोटिस थमते हुए आरोपी को समय से दिल्ली पहुंच जाने की बात कही.


परिजन बता रहे हैं आरोपी को अनपढ़
चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के तहत आरोपित शहाबुद्दीन के परिवारवालों उसे अविवाहित होने के साथ अनपढ़ भी बता रहे हैं. आरोपी शहाबुद्दीन अपने पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है. सबसे बड़ा और सबसे छोटा भाई मुंबई में कबाड़ का कार्य करता है. बाकी उसके सारे भाई सिद्धार्थनगर जिले में ही बाइक मैकेनिक है.
चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के इस ऑनलाइन चल रहे हाईटेक धंधे में उसका नाम कैसे आया इस बात पर सभी खामोश है. आरोपी भी साफ तौर पर कुछ बता नहीं पा रहा है. सिर्फ एक ही बात की रट लगाए जा रहा है कि व्हाट्सएप आदि सही ढंग से ऑपरेट नहीं कर का रहा है. उसके मोबाइल को किसी ने हैक करके फंसा दिया है. हालांकि परिजन बता रहे हैं कि सोनी का हैंडीकैम उसके बड़े बेटे को मुंबई में भंगार में मिला था, जिसमें उसके साथ कैसेट्स भी थी जिसे वह घर लाया था, लेकिन चालू हालत में नहीं था खराब घर के अंदर ही फेंका हुआ था.

बाइक की दुकान पर करता है काम
आरोपी के परिजन बता रहे हैं कि वह कभी दिल्ली नहीं गया. बचपन में एक बार पिता के साथ मुंबई गया था. उस समय वह काफी छोटा था. इसके बाद से वह घर पर रहकर बाइक बनाने की दुकान में अपने भाई के साथ हाथ बंटाता है. आरोपी के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है. एक छोटी सी खेती और मेहनत मजदूरी के बल पर परिवार की रोजी रोटी चलती है. परिवार के रहने का ठिकाना भी ठीक-ठाक नहीं है. आगे सीमेंट की सेट और पीछे बने छोटे से मकान में पूरा परिवार गुजर बसर कर रहा है.


आरोपी को पेशी के लिए बुलाया गया दिल्ली
अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया की जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग दिया गया है, इसके साथ ही उन्होंने सर्च वारंट लेकर एक व्यक्ति के संघन चेकिंग की और कुछ सामानों को सील करके अपने साथ लेकर गई है और आरोपी को दिल्ली में पेशी के लिए बुलाया है. सीबीआई के आने और सर्च ऑपरेशन कर वापस जाने के बाद से आरोपी के मोहल्ले में अजीब सी खामोशी छाई हुई है. मोहल्ले में अगर कोई अंजान चेहरा आता है तो सभी एक टक देखने में जुट जाते हैं. मामले को लेकर परिजन के साथ मोहल्ले वालों के चेहरे पर भी अजीब सी बेचैनी है. कोई भी मीडिया से बात नहीं करना चाहता है. कैमरे के सामने कोई कुछ भी बोलना नहीं चाहता है. इतने बड़े रैकेट में मोहल्ले का लड़का कैसे शामिल हो गया इस पर भी कुछ समझ में नहीं आ रहा है।