Uttarakhand के तीन इन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट..

प्रदेश में मानसून की वर्षा चरम पर है। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में मूसलधार वर्षा का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिन बादल छाये रह सकते हैं। ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश का क्रम बना रहने के आसार हैं। आज कुमाऊं में भारी वर्षा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

HIGHLIGHTS

  1. – कुमाऊं में भारी वर्षा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

 प्रदेश में मानसून की वर्षा चरम पर है। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में मूसलधार वर्षा का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दून में वर्षा के कारण पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।

तीन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सामान्य से 2.5 से 3 गुणा अधिक बारिश हुई है। आज के दिन उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी जिलों में बहुत भारी से भारी वर्षा की संभावना है। इन तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

लोगों से अपील है कि वे आवागमन सावधानी से करें, क्योंकि भूस्खलन की संभावना है। 11-12 जुलाई के लिए कुमाऊं और उससे जुड़े इलाके जैसे गढ़वाल, चमोली इलाकों में बहुत भारी से भारी वर्षा की संभावना है। हमने इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

सीएम ने दिए जिलाधिकारियों व आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्‍यान में रखते हुए मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार अपनी यात्रा का कार्यक्रम बनाएं।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा चल रही है। बारिश से वहां पर जलभराव हुआ है। पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन के लोग वहां व्‍यवस्‍था बनाने में लगे हुए हैं। सभी संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को फोन लगातार चालू रखने को कहा गया है।

Uttarakhand Weather Update:

  • लगातार हो रही वर्षा से अल्मोड़ा में जनजीवन अस्त व्यस्त होने लगा है। रविवार को जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 15 मोटरमार्ग मार्ग बंद हो गए। हालांकि विभाग मोटर मार्ग सुचारू करने में जुटा हुआ है। लेकिन इस बीच लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी रात वर्षा का दौर चलता रहा। कई इलाकों में रुक-रुक कर रिमझिम बरसात हुई तो कहीं झमाझम वर्षा नुकसान पर भी उतारू रही। रविवार को अल्मोड़ा-घाट पनार-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में कांडानौला के पास मलबा आ गया। राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले में 14 ग्रामीण मोटर मार्ग भी बंद हो गए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि हाईवे समेत सभी मोटर मार्ग को सुचारू करने के लिए जेसीबी भेजी गई हैं। मोटरमार्ग से मलबा हटाया जा रहा है।
  • प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा इकाइयों को अलर्ट किया है। देहरादून में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय जैन ने निर्देश जारी किए। कहा कि सभी अस्पतालों के इंचार्ज हाई अलर्ट पर रहें। आपदा के लिहाज से अपनी तैयारियों की समीक्षा कर पर्याप्त इंतजाम कर लें। स्वास्थ्य कर्मियों का बहुत आवश्यक होने पर ही अवकाश स्वीकृत करें।
  • हरिद्वार के सभी सम्बन्धित अधिकारियों को किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना एसईओसी/ राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 2664314, 2664315 2664316, फैक्स नं० 0135-2710334, 2664317. टोल फ्री नं0 1070, 9058441404 एवं 8218887005 पर तत्काल देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
  • सचिव आपदा प्रबंधन डॉ रंजीत कुमार सिन्हा के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को वर्षा के कारण नदियों के जल स्तर में हो रही वृद्धि की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
  • देहरादून में हल्‍की बारिश जारी।
  • कोटद्वार में बीती रात से रुक-रुक कर बारिश जारी है। एनएच पर यातायात सुचारू है। कोटद्वार-पुलिंडा-रामड़ी मोटर मार्ग बंद है। बारिश से अभी तक किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
  • चमोली में बदरीनाथ हाईवे सुचारू है। यात्रा जारी है। रात्रि से बारिश जारी है।
  • पौड़ी में बारिश हो रही है। मुख्य मार्ग खुले हैं।
  • टिहरी में बीती रात से जारी वर्षा शनिवार सुबह थमी। जिले में 10 लिंक रोड बंद हैं।
  • रुद्रप्रयाग जनपद में केदारनाथ से लेकर सभी तहसीलों में हल्की बारिश रात्रि से जारी है। केदारनाथ की यात्रा तरसाली में गौरीकुंड हाईवे पर बोल्डर आने से फिलहाल अवरूद्ध है। यात्रियों को रोका गया है। हालांकि केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा यात्रा सुचारू है।
  • मसूरी में शनिवार सुबह से लगातार बारिश जारी है। यहां तापमान 17 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
  • जनपद उत्तरकाशी में शनिवार शाम से वर्षा हो रही है। वर्षा के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास शनिवार देर शाम को अवरुद्ध हुआ। जिसके कारण वाहनों की आवाजाही और कांवड़ यात्रीगण की आवाजाही बंद रही। रविवार की सुबह सीमा सड़क संगठन की टीम ने बंदरकोट के पास फिलहाल राजमार्ग को सुचारू कर दिया है। लेकिन बंदरकोट के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।
  • देहरादून में मौसम खराब बना हुआ है। बादल छाए हुए हैं।

कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी वर्षा

उत्तराखंड में शनिवार सुबह से ही ज्यादातर क्षेत्रों में मूसलधार वर्षा का क्रम बना रहा। पहाड़ से लेकर मैदान तक रुक-रुककर वर्षा होती रही। उधर, कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई।

पर्वतीय क्षेत्राें में कई स्थानों पर सड़क मार्ग मलबा आने से अवरुद्ध होते रहे। इधर, दून में शहरी क्षेत्र में हल्का जल भराव रहा, लेकिन कहीं किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

सहस्रधारा क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आया, जिसे जेसीबी से हटाया गया। वर्षा के कारण ज्यादातर शहरों के तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई।

अगले चार दिन छाये रह सकते हैं बादल

मौसम विज्ञान केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिन बादल छाये रह सकते हैं। ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश का क्रम बना रहने के आसार हैं।

देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। अन्य जिलों में भी तीव्र बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए भारी वर्षा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

  • शहर, अधिकतम, न्यूनतम
  • देहरादून, 26.2, 24.2
  • ऊधमसिंह नगर, 34.4, 25.0
  • मुक्तेश्वर, 20.4, 15.5
  • नई टिहरी, 19.4, 18.2

वर्षा के कारण जौनसार बावर में कई मार्ग बंद

वर्षा के कारण जौनसार बावर में कई जगह पहाड़ दरके हैं। भूस्खलन की वजह से लोनिवि साहिया के स्टेट हाईवे समेत चार, लोनिवि निर्माण खंड देहरादून के एक, लोनिवि चकराता के दो, पीएमजीएसवाइ कालसी के तीन मोटर मार्ग बंद हैं।

स्टेट, मुख्य जिला मार्ग समेत 10 मार्ग बंद होने के कारण जौनसार बावर के करीब 100 गांवों में रहने वाली आबादी का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई गांवों के ग्रामीण कृषि उपज मंडियों में नहीं पहुंचा पाए।

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