लखनऊ। शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित मून हॉल में नागरिक सुरक्षा संगठन (सिविल डिफेन्स) के वार्डन क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के चतुर्थ बैच का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस बैच में कुल 90 वार्डन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा विशाख जी. (आईएएस) रहे। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत चीफ वार्डन द्वारा मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल के महत्व पर अपने संबोधन में जिलाधिकारी विशाख जी. ने वार्डन सेवा की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पुलिस लाइन में आयोजित पूर्व मॉक ड्रिल का उल्लेख करते हुए वार्डनों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि ऐसे अभ्यास समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि स्वयंसेवकों की दक्षता और तत्परता बनी रहे।जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि शीघ्र ही विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर स्कूलों, कॉलेजों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आम नागरिकों के लिए सप्ताह में एक बार नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और जनसामान्य को प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।प्रशिक्षण सत्र के दौरान चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने वार्डन सेवा के दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में प्रशासनिक सहायता पहुंचने से पहले वार्डन ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में मौके पर पहुंचकर प्राथमिक सहायता और राहत कार्य सुनिश्चित करते हैं। आग, बाढ़ या अन्य आपदाओं के दौरान बचाव कार्यों का नेतृत्व करना, घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराना, संकट के समय अफवाहों पर नियंत्रण रखना और जनता के बीच घबराहट कम करना वार्डनों की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके साथ ही राहत सामग्री जैसे भोजन और दवाओं के वितरण में समन्वय स्थापित करना भी उनकी अहम भूमिका होती है।
चीफ वार्डन ने कहा कि वार्डन स्थानीय स्तर पर जनता के सीधे संपर्क में रहते हैं, इसी कारण संकट की घड़ी में वे समाज के सबसे भरोसेमंद और प्रभावी सहयोगी साबित होते हैं।कार्यक्रम में चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र के साथ स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन ऋतु राज रस्तोगी, डिप्टी डिवीजनल वार्डन सुनील तिवारी, नफीस, सुनील शुक्ल, डिवीजनल डिप्टी वार्डन सुनील कर्मचंदानी, राम गोपाल ऐश्वर्य, उप नियंत्रक रविंद्र कुमार, एडीसी मनोज वर्मा, ऋषि कुमार, मुकेश, ममता रानी, रेखा सहित नागरिक सुरक्षा संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं वार्डन उपस्थित रहे।
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