सजीपीजीआई में इलाज को लेकर हंगामा..

लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के जोन-दक्षिणी अंतर्गत थाना पीजीआई पुलिस ने एसजीपीजीआई परिसर में हिंसा, अभद्रता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई 26 दिसंबर 2025 को एसजीपीजीआई में हुई घटना के संबंध में की गई, जिसमें मरीज के इलाज को लेकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई और चिकित्सकों व सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की गई।थाना पीजीआई में सहायक सुरक्षा अधिकारी धनंजय कुमार पाण्डेय की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार, आरोपी पक्ष ने इलाज के दौरान डॉक्टरों और गार्डों से अभद्रता करते हुए गाली-गलौज, मारपीट की और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाई। साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में थाना पीजीआई पर मु0अ0सं0-654/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं सहित उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवाकर्मी एवं चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था (हिंसा एवं संपत्ति की क्षति का निवारण) अधिनियम 2013 में मामला दर्ज किया गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना पीजीआई पुलिस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। उपनिरीक्षक पवन कुमार व पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रामा सेंटर-2, एसजीपीजीआई परिसर से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना नाम अभिषेक सिंह (उम्र करीब 23 वर्ष) और आशीष सिंह (उम्र करीब 20 वर्ष) बताया। दोनों आरोपी ग्राम इंदरपुर, थाना रामसनेही घाट, जनपद बाराबंकी के निवासी हैं तथा वर्तमान में शिल्प ग्राम योजना बसेरा-1, ब्लाक-8, कक्ष संख्या 402, थाना सुशान्त गोल्फ सिटी, लखनऊ में रह रहे थे।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। दोनों के खिलाफ पूर्व में थाना सुशान्त गोल्फ सिटी, लखनऊ में वर्ष 2023 में बलवा, मारपीट, महिला से छेड़छाड़, तोड़फोड़ और धमकी से संबंधित मुकदमा दर्ज है।फिलहाल पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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