लखनऊ। नगर निगम लखनऊ ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड, अलीगंज सेक्टर-एल स्थित यादव लोहा भंडार परिसर में पोर्टेबल कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस नई सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्रीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।उद्घाटन समारोह में महापौर सुषमा खर्कवाल, पार्षद मान सिंह यादव, नगर आयुक्त गौरव कुमार, पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान, लखनऊ स्वच्छता अभियान के प्रोजेक्ट हेड अभय रंजन, पूर्व जीएम जलकल एवं एलएसए कंसल्टेंट एसके वर्मा सहित नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस परियोजना को लखनऊ के समग्र विकास और स्वच्छता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि लखनऊ को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर बनाने के लिए नगर निगम लगातार आधुनिक तकनीकों और नवीन व्यवस्थाओं को अपना रहा है। पोर्टेबल कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन की स्थापना से खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण होगा। इससे कचरे के उछरने-बिखरने और दुर्गंध जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता नियमों का पालन करने और नगर निगम के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड को नगर निगम के पांच जोनों में अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस व्यवस्था में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सेकेंडरी कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन, सड़क व गलियों की सफाई, नालियों की सफाई, कचरा परिवहन के साथ-साथ पोर्टेबल और फिक्स्ड कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण और संचालन शामिल है। यह कार्य वार्ड संख्या 01, 03, 04, 06 और 07 में किया जा रहा है।परियोजना के तहत कुल 32 साइटें प्रस्तावित हैं। पहले चरण में 8 साइटों का निर्माण पूरा कर उन्हें पूरी तरह ऑपरेशनल कर दिया गया है। दूसरे चरण की 24 साइटों में से 13 साइटों पर कार्य पूर्ण कर संचालन शुरू हो चुका है। भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड में स्थापित यह पीसीटीएस परियोजना की 14वीं साइट है, जिसका उद्घाटन शनिवार को किया गया। शेष 10 साइटों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिन्हें फरवरी से मार्च 2026 तक पूर्ण कर संचालन में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इस ट्रांसफर स्टेशन में दो पोर्टेबल हाइड्रोलिक कॉम्पैक्टर लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 20 घन मीटर है। कचरा परिवहन के लिए हाइवा निर्मित 15 से 16 घन मीटर क्षमता वाले वाहक वाहन और भारत बेंज निर्मित 35 जीवीडब्ल्यू क्षमता वाले ट्रक उपयोग में लाए जाएंगे। इससे कचरे के संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित हो सकेगी।इस पीसीटीएस का मुख्य उद्देश्य ठोस अपशिष्ट को खुले में फेंकने से रोकना, कचरा उछर-बिखराव पर नियंत्रण करना, संग्रहण बिंदुओं पर स्वच्छता सुनिश्चित करना, कचरा परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और निस्तारण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके साथ ही यह परियोजना कचरा प्रबंधन नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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