क्या मादुरो की तरह पुतिन का भी होगा गेम ओवर?

वाशिंगटन ,10 जनवरी । वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा एक खुफिया ऑपरेशन में गिरफ्तार किए जाने के बाद पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है। इस कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि क्या अमेरिका, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ भी इसी तरह का कोई सख्त कदम उठा सकता है? हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुतिन के खिलाफ मादुरो जैसी किसी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या सैन्य ऑपरेशन की कोई जरूरत नहीं है।
‘पुतिन के साथ हमारे अच्छे संबंध रहेंगे’|
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में एक गुप्त इशारा करते हुए कहा था कि अगर तानाशाहों के साथ ऐसा सुलूक (मादुरो की गिरफ्तारी जैसा) हो सकता है, तो अमेरिका जानता है कि आगे क्या करना है। जेलेंस्की का इशारा साफ तौर पर पुतिन की ओर था, जिनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का वारंट भी है। जेलेंस्की के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पुतिन के खिलाफ ऐसी किसी कार्रवाई की आवश्यकता होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के रूस और पुतिन के साथ बहुत अच्छे संबंध रहने वाले हैं, जैसा कि हमेशा से रहे हैं।
यूक्रेन युद्ध खत्म न होने से ट्रंप निराश
भले ही ट्रंप ने पुतिन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से इनकार किया हो, लेकिन यूक्रेन युद्ध के लंबा खिंचने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जाहिर की है। तेल और गैस क्षेत्र के अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में ट्रंप ने अपनी हताशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्ध सुलझाए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि यूक्रेन-रूस युद्ध भी आसानी से सुलझ जाएगा, लेकिन वे बहुत निराश हैं कि यह अभी तक जारी है। ट्रंप ने युद्ध की भयावहता का जिक्र करते हुए खुलासा किया कि केवल पिछले महीने ही इस युद्ध में 31,000 लोग मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश रूसी सैनिक थे।
वेनेजुएला के तेल पर नजर और काराकस में विरोध
दूसरी तरफ, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने वेनेजुएला के भविष्य को वहां के विशाल तेल भंडार से जोड़ दिया है। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए वहां निवेश का न्योता दिया है। ट्रंप का दावा है कि कंपनियां वहां 100 अरब डॉलर तक का निवेश करने को तैयार हैं और वहां से होने वाली आय अमेरिकी प्राथमिकताओं के लिए इस्तेमाल होगी। हालांकि, अमेरिका की इस ‘जीत’ के खिलाफ वेनेजुएला की राजधानी काराकस में गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि अमेरिका उनके संसाधनों को लूटना चाहता है। 70 वर्षीय नागरिक कार्यकर्ता जोसेफिना कास्त्रो ने आक्रोश जताते हुए कहा कि इतना सब होने के बाद वेनेजुएला को ट्रंप को तेल की एक बूंद भी नहीं देनी चाहिए।

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