प्रयागराज। चलती ट्रेन से चोरों को कूदते और चंद सेकंड में फरार होने वाले गैंग गैंग के पांच सदस्यों को सरगना के साथ दबोच लिया गया और हाईटेक गैंग का शनिवार को पर्दाफाश हुआ।
इस गिरोह ने छह जनवरी को इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर पायल गुप्ता को अपना निशाना बनाया। चोरों ने पायल का मोबाइल और बैग छीना और ट्रेन से कूद गए। पायल ने अपनी आपबीती का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर साझा किया। वीडियो वायरल होते ही यह मामला पुलिस के लिए ‘साख का सवाल’ बन गया। प्रभारी निरीक्षक जीआरपी अकलेश कुमार सिंह और आरपीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर अमित मीना ने संयुक्त मोर्चा संभाला और अपराधियों को पकड़ने के लिए चार विशेष टीमें गठित की गईं।
पुलिस ने जब इलेक्ट्रानिक सर्विलांस का सहारा लिया, तो सुराग की पहली कड़ी कानपुर में मिली। यहां से एक चोर के हत्थे चढ़ते ही परतें खुलनी शुरू हुईं। पुलिस की टीमें सिराथू, मऊआइमा और शंकरगढ़ में छापेमारी करती रहीं। अपराधी लोकेशन बदलते रहे, लेकिन सख्ती से हुई पूछताछ ने पुलिस को गैंग के सरगना तक पहुंचा दिया। कड़े गए आरोपियों में गैंग का मास्टरमाइंड रामसिया पटेल उर्फ लुलुआ है, जिस पर 2018 से सात मुकदमे दर्ज हैं। गैंग का सबसे खतरनाक मोहरा राजू कुशवाहा निकला, जिस पर गैंगस्टर एक्ट समेत 15 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा मझियारी कला का ही राम सिंह यादव, जवाहर नगर कस्बा मानिकपुर का विक्रम नामदेव और शिवपुर थाना पनवार एमपी का पुष्पराज कुशवाहा शामिल है। पुष्पराज ही एक्सयूवी चलाता था। पुलिस ने इन पांचों के पास से सात चोरी के मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक्सयूवी कार बरामद की है। इंस्पेक्टर अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि दिन रात इस गैंग का पीछा किया गया और अंतत: इन्हें दबोच लिया गया है। इन्होंने ही इन्फ्लुएंसर का मोबाइल-बैग चुराया था। गिरफ्तार करने वाली टीम में उनि रामकरन सिंह, फुलींदर यादव, ज्ञानचंद्र, एएसआई बृजमोहन, उमेश सरोज, लाखन सिंह आदि शामिल रहे।
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