रामसनेहीघाट, बाराबंकी। तहसील क्षेत्र के दुल्हदेपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण रहा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे भजनों और जयघोष से पूरा कथा स्थल गूंज उठा। इस पावन आयोजन के लिए पूरे ब्राह्मण महुलारा गुरु आश्रम, बड़ी छावनी, अयोध्या धाम से प्रख्यात कथा व्यास पंडित दुर्गेश तिवारी महाराज को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी, सरल भाषा और भावपूर्ण शैली से श्रीकृष्ण जन्म की लीला का सजीव वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ। उनका जीवन संदेश देता है कि सत्य, प्रेम, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। कथा व्यास के साथ आचार्य अमन तिवारी, कपिल तिवारी सहित अन्य विद्वान आचार्यगण भी उपस्थित रहे। इनके द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों से कथा का प्रभाव और अधिक बढ़ गया। इस श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन ग्राम निवासी चेतराम यादव द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में डॉक्टर द्वारिका प्रसाद, सीताराम, राम उदित सहित अनेक गणमान्य ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है। कथा स्थल की आकर्षक सजावट, स्वच्छता, पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा की जिम्मेदारी स्थानीय युवाओं द्वारा निभाई जा रही है। दिनेश, हरिश्चन्द्र, लक्ष्मीकान्त, राम सूरत, सोनू, सुनील, परमजीत, करमजीत, विनय, बब्बू, बाबू, जितेन्द्र, राज, दीपक, अभिनव, अनुभव, अनुराग, आरूष, निखिल, अनय सहित अन्य युवा सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हैं।
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