उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में संचालन और सुरक्षा सुधार…


लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक  प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी 20 क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में बिंदुवार विषयों की समीक्षा की गई और निगम संचालन की दक्षता, बस दुर्घटना नियंत्रण और संसाधन उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया गया।बैठक में प्रबंध निदेशक ने सुगम ऐप के माध्यम से क्रू-ड्यूटी की जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी चालक एवं परिचालक की ड्यूटी साफ्टवेयर पर सुनिश्चित रूप से दर्ज की जाए। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह साफ्टवेयर ड्यूटी में पारदर्शिता लाने के लिए विकसित किया गया है।जनवरी 2026 तक के संचालन प्रतिफलों की समीक्षा में बस उपयोगिता, लोड फैक्टर, आय तथा ईंधन औसत की तुलना पिछले वर्ष से की गई। प्रदेश में सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र/डिपो के अधिकारियों को सुधार हेतु सचेत किया गया और निर्देश दिए गए कि डिपो/क्षेत्र की संचालन प्रतिफलों की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही आय के लक्ष्य को 100 प्रतिशत प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया गया। क्षेत्रीय प्रबंधकों/सेवा प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि खराब प्रतिफल वाले डिपो का व्यक्तिगत भ्रमण कर सुधार लाया जाए।बैठक में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की समीक्षा भी की गई। प्रबंध निदेशक ने सभी को सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और चालकों को बिना प्रशिक्षण मार्ग पर न भेजने के निर्देश दिए। चालकों की नियमित काउन्सलिंग और ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट की भी व्यवस्था करने का आदेश दिया गया। जनवरी 2026 में निगम की बसों से होने वाली फेटल दुर्घटनाएं 8 और घायलों की संख्या 27 रही, जो पिछले वर्ष जनवरी 2025 की तुलना में सुधार दर्शाती हैं।बैठक में विभिन्न जनपदों में बन रहे बस स्टेशनों और कार्यशालाओं की समीक्षा भी की गई। प्रबंध निदेशक ने बताया कि हमीरपुर में डिपो कार्यशाला के लिए भूमि आवंटन हेतु लगभग 345 लाख रुपये प्रथम किस्त के रूप में अवमुक्त कर दिए गए हैं। इसी तरह, सिद्धार्थनगर बस स्टेशन के पुनर्निर्माण के लिए 152 लाख, संभल के चन्दौसी में नए बस स्टेशन के लिए 150 लाख और रायबरेली के सलोन बस स्टेशन के पुनर्निर्माण के लिए 150 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं।प्रबंध निदेशक ने अधिशासी अभियंता को कार्यों की समीक्षा कर शीघ्र गति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेशवासियों को इन सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। बैठक में संचालन, सुरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और यात्री सेवा में सुधार के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई।यह बैठक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा संचालन दक्षता बढ़ाने, दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों को बेहतर सेवा देने के निरंतर प्रयास का हिस्सा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Time limit exceeded. Please complete the captcha once again.