संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की आवश्यक

प्रयागराज। आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन प्रयागराज द्वारा सिविल लाइन्स में एक वैज्ञानिक संगोष्ठी आयोजित की गई।

 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ भंवर सिंह ने फैटी लीवर के लक्षण एवं उससे बचने के उपाय और खानपान के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज लीवर में वसा के जमाव की स्थिति में इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, यह आम तौर पर अधिक वजन वाले या मोटे लोगों में देखा जाता है।

डॉ सुमित पटेल ने बताया कि फैटी लिवर के लक्षणों में ऊपरी दाएं पेट में दर्द, भूख न लगना, मतली व वजन कम होना, त्वचा और आंखों में पीलापन, पेट और पैरों में सूजन आदि हो सकता है। संतुलित आहार खाना चाहिए, चिकनाई बादी आदि चीजों से बचना चाहिए। अपने आहार में लहसुन, ओमेगा 3 फैटी एसिड, ब्रोकली, हरी चाय और नट्स आदि का प्रयोग फायदेमंद हो सकता है।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए रोज सुबह एक गिलास नींबू पानी अवश्य पीना चाहिए, हल्दी का उपयोग लिवर को डैमेज होने से बचाता है साथ ही लीवर में बढ़ी चर्बी भी समाप्त करता है। 

संगोष्ठी में मुख्य रूप से डॉ अखिल निगम, डॉ सुनील कुमार पटेल, डॉ अशोक गुप्ता, डॉ कपूर केसरवानी, डॉ काशीराम, डॉ एस के सिंह, डॉ देवेश कुशवाहा, डॉ इत्तेफाक, डॉ जावेद, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ धर्मसिहं, डॉ राजकुमार प्रजापति, नीरज कुमार, विपिन पाण्डेय, अभिषेक आदि लोग शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Time limit exceeded. Please complete the captcha once again.