आरबीआई देने जा रहा एक और बड़ी खुशखबरी,


नई दिल्ली ,23 दिसंबर । घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों और होम लोन की भारी ईएमआई चुका रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। दिसंबर 2025 की मौद्रिक नीति में मिली राहत के बाद अब फरवरी 2026 में भी कर्जदारों की जेब पर बोझ और हल्का होने की उम्मीद जताई जा रही है। संकेत हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। हालांकि, इसका उल्टा असर एफडी निवेशकों पर पड़ सकता है, क्योंकि दरें घटने से रिटर्न कम होने की आशंका रहती है।
फरवरी में फिर कट सकता है रेपो रेट
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ताजा विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (रूक्कष्ट) की बैठक में आरबीआई अपना नरम रुख बनाए रख सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (0.25त्न) की और कटौती संभव है। फिलहाल रेपो रेट 5.25त्न पर है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो दर घटकर 5त्न पर आ जाएगी। इसका सीधा फायदा होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को मिलेगा—बैंकों की ब्याज दरें घटेंगी और मासिक किस्त (श्वरूढ्ढ) कम होगी, जिससे घरेलू बजट में बचत बढ़ेगी।
महंगाई काबू में, इसलिए मिल रही है राहत
रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई दबाव अब काफी हद तक नियंत्रण में है। कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार कमजोर पड़ी है, जिससे आरबीआई को दरों में नरमी का अवसर मिल रहा है। विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि यदि सोने की कीमतों में उछाल के कारण बढ़ी लगभग 0.50त्न महंगाई को अलग कर दिया जाए, तो वास्तविक महंगाई दर और भी कम नजर आती है। हालांकि, फरवरी 2026 की बैठक आरबीआई के लिए कुछ चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उसी दौरान सीपीआई (ष्टक्कढ्ढ) और जीडीपी (त्रष्ठक्क) के आधार वर्ष (क्चड्डह्यद्ग ङ्घद्गड्डह्म्) में बदलाव प्रस्तावित है। नए पैमानों पर आने वाले आंकड़े नीति-निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।

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