लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना ने भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। उद्घाटन दिवस पर उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन न केवल प्रदेश के जनपदों में, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विश्व के अनेक देशों में उत्साह के साथ किया गया। यह व्यापक सहभागिता प्रदेश के प्रवासी समुदाय के गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव, समृद्ध विरासत और आधुनिक भारत में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस का उत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक रूप से मनाया गया। मालदीव, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, रूस, मंगोलिया, सिंगापुर, श्रीलंका और म्यांमार सहित लगभग 15 देशों में आयोजित कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रवासी नागरिकों के साथ स्थानीय लोगों ने भी सहभागिता की। इन आयोजनों में प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, फिल्मों के प्रदर्शन और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, कला परंपराओं और विकसित होती पहचान को प्रस्तुत किया गया, जिससे विदेशों में बसे भारतीय समुदायों में प्रदेश के प्रति गर्व और आत्मीयता की भावना और प्रबल हुई।उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर जापान के ओसाका-कोबे, फ्रांस के सेंट डेनिस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, श्रीलंका के जाफना, यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के लिथुआनिया में स्थित भारतीय मिशनों और वाणिज्य दूतावासों की ओर से भेजे गए संदेशों ने प्रदेश की वैश्विक पहचान को नया आयाम दिया। रूस स्थित भारतीय दूतावास में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास और टैगोर सेंटर में प्रदेश की परंपराओं, पर्यटन स्थलों और जीवंत कला रूपों को प्रदर्शित किया गया। मंगोलिया, सिंगापुर, म्यांमार, श्रीलंका, सेंट डेनिस, कांगो डीआर और जाफना से भी इसी प्रकार के आयोजनों की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त हुई। व्यापक जनसंपर्क के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वीडियो संदेश भी इन कार्यक्रमों में प्रदर्शित किया गया।देश के भीतर भी उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के पहले दिन लगभग 20 राज्यों में उत्सव का माहौल रहा। दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, तमिलनाडु और गोवा सहित कई राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विकास यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में उपराज्यपाल कार्यालय, मुंबई, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पंजाब समेत अनेक स्थानों पर स्मरणीय आयोजन हुए।प्रदेश के भीतर भी 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस का उत्सव व्यापक स्तर पर मनाया गया। सिद्धार्थनगर, भदोही, हाथरस, एटा, सोनभद्र, चंदौली, कन्नौज, औरैया, बहराइच, संभल, श्रावस्ती, कानपुर, कुशीनगर, बिजनौर, इटावा, चित्रकूट, गाजीपुर, गोंडा सहित लगभग 30 जनपदों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पहले ही दिन उत्तर प्रदेश दिवस का इतने व्यापक स्तर पर मनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के लोग, चाहे वे देश या विदेश में कहीं भी रहते हों, अपनी जड़ों से गहराई से जुड़े हैं। जिला मुख्यालयों से लेकर वैश्विक महानगरों तक हुए आयोजनों ने यह स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश अपनी विरासत के साथ आत्मविश्वासपूर्वक प्रगति की ओर बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान सुदृढ़ कर रहा है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि राज्य नेतृत्व की दूरदर्शी परिकल्पना के अनुरूप उत्तर प्रदेश दिवस ने इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय मिशनों और दूतावासों की सक्रिय सहभागिता से आयोजित कार्यक्रमों ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, शिल्प, व्यंजन और पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक दर्शकों से प्रभावी ढंग से जोड़ा है।
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