ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत हुई निर्णायक कार्रवाई…

नई दिल्ली ,01 जनवरी । भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत दृढ़ एवं निर्णायक कार्रवाई की और दुश्मन को करारा जवाब दिया गया। यह अभियान आज भी जारी है। भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नव वर्ष पर अपने एक संदेश में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेना बॉर्डर पर सतर्कता बरत रही है। वहीं सेना देश के भीतर आपदाओं में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गुरुवार को नव वर्ष के अवसर पर सेनाध्यक्ष ने कहा, “भारतीय सेना राष्ट्र की सुरक्षा पूर्ण सतर्कता और दृढ़ संकल्प के साथ सुनिश्चित कर रही है। गत वर्ष शत्रु के नापाक इरादों को ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत दृढ़ एवं निर्णायक कार्रवाई द्वारा करारा उत्तर दिया गया, और यह अभियान आज भी निरंतर जारी है। सीमाओं पर सतर्कता के साथ-साथ, देश के भीतर आपदाओं के समय त्वरित सहायता तथा राष्ट्र-निर्माण से जुड़े प्रयासों के माध्यम से सेना ने राष्ट्रीय प्रगति में अपनी अहम भूमिका निभाई है।” गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर स्थित पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन की योजना सेना के मिलिट्री ऑपरेशन्स ब्रांच में तैयार की गई, जबकि संचालन की निगरानी डीजीएमओ के ऑप्स रूम से सीडीएस और तीनों सेनाध्यक्षों की मौजूदगी में की गई। इस ऑपरेशन में सीमा पार 9 आतंकी कैंप तबाह किए गए। भारतीय सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 आतंकी कैंप ध्वस्त किए।
यह एक सटीक, सीमित और नियंत्रित कार्रवाई रही, जिससे बढ़त तो मिली ही, पर तनाव अनियंत्रित नहीं हुआ। यही नहीं, भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को भी नाकाम किया। 7 से 10 मई तक पाकिस्तान की ओर से भारत के सैन्य एवं नागरिक ठिकानों पर ड्रोन हमलों की कई कोशिशें की गईं। इन सभी हमलों को भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने पूरी तरह विफल किया। नव वर्ष 2026 के आगमन पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सेना के सभी अधिकारियों व जवानों समेत सभी पद, परिवारों एवं देशवासियों को शुभ सन्देश दिया।
अपने संदेश में सेनाध्यक्ष ने कहा, “नव वर्ष 2026 के शुभ अवसर पर, मैं भारतीय सेना की ओर से समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं। यह नव वर्ष आपके एवं आपके परिवार के जीवन में सुख, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।”
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना परिवर्तन के दशक से गुजर रही है, जहां संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार हमारी सामरिक शक्ति के मूल स्तंभ हैं। स्वदेशी तकनीकों के प्रभावी उपयोग, नए विचारों और निरंतर सुधारों के माध्यम से हम सेना को अधिक सक्षम एवं भविष्य के लिए तैयार बना रहे हैं। नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता इस परिवर्तन को नई गति प्रदान कर रही हैं।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा, “मैं प्रत्येक नागरिक के योगदान के लिए आभार व्यक्त करता हूँ। आपका विश्वास, सहयोग और एकजुटता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु भारतीय सेना सुरक्षा और राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान निरंतर देती रहेगी। जय हिन्द।

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