खाद के लिए कतार में लगे किसान की मौत; लाइन में ही आया हार्ट अटैक


टीकमगढ़ ,09 दिसंबर ।  मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में खाद (यूरिया) की भारी किल्लत अब जानलेवा साबित होने लगी है। सोमवार को यहां खाद लेने के लिए कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे 52 वर्षीय एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। यह दुखद घटना जिले के बडोरा गांव स्थित एक सरकारी गोदाम पर हुई, जहां सुबह से ही किसानों की लंबी भीड़ जमा थी। मृतक किसान की पहचान जमुना कुशवाहा के रूप में हुई है, जो अपने खेत के लिए खाद का इंतजाम करने की जद्दोजहद में लगा था।
मृतक जमुना कुशवाहा के छोटे भाई छक्की ने बताया कि उनका भाई पिछले दो दिनों से लगातार खाद के लिए परेशान था। वह अपने गांव बजरुआ से करीब 8 किलोमीटर दूर बडोरा गोदाम तक सिर्फ दो बोरी यूरिया लेने के लिए चक्कर काट रहा था, लेकिन उसे खाद नहीं मिल पा रही थी। सोमवार को भी वह लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था, तभी अचानक उसे उल्टियां होने लगीं और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा।
मौके पर मौजूद स्थानीय तहसीलदार सतेंद्र गुर्जर ने तत्परता दिखाते हुए बीमार किसान को अपनी सरकारी गाड़ी से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। देहात थाने के प्रभारी चंद्रजीत यादव ने डॉ. दीपक ओझा द्वारा की गई पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पुष्टि की है कि जमुना कुशवाहा की मौत हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने से हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि टीकमगढ़ जिले में पिछले कई दिनों से यूरिया का गंभीर संकट बना हुआ है, जिससे किसान बेहद आक्रोशित हैं। खाद न मिलने के कारण जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि पिछले हफ्ते जतारा कस्बे में किसानों ने एक ट्रक से यूरिया की 30 से 40 बोरियां लूट ली थीं। वहीं, इस घटना वाले दिन ही सोमवार को बलदेवगढ़ और खरगापुर क्षेत्र के किसानों ने खाद की अनुपलब्धता से नाराज होकर टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर करीब 3 घंटे तक चक्काजाम किया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।

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