छत्तीसगढ़ के स्कूलों में फेयरवेल पर सख्ती : पूर्व सूचना अनिवार्य…

रायपुर, छत्तीसगढ़ में अब स्कूलों में होने वाले विदाई समारोह और अन्य आयोजनों को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। राज्यपाल संरक्षण आयोग ने इस विषय पर गंभीर रुख अपनाते हुए लोक शिक्षण संचालनालय, प्रदेश के सभी कलेक्टरों तथा जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी कार्यक्रम का आयोजन बिना पूर्व लिखित सूचना के न किया जाए।
आयोग ने कहा है कि स्कूल प्रबंधन को हर सांस्कृतिक आयोजन या समारोह से पहले विधिवत जानकारी देना आवश्यक होगा। साथ ही कार्यक्रमों के संचालन के लिए निश्चित आचरण संहिता तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन अनुशासित, मर्यादित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सकें। स्कूल की गरिमा बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया है। किसी भी प्रकार के खतरनाक प्रदर्शन, अनुचित गतिविधि या अवांछित व्यवहार पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय हाल के कुछ चिंताजनक घटनाक्रमों के बाद लिया गया है। धमतरी जिले में पाँच फरवरी को विदाई समारोह के दौरान छात्रों द्वारा जोखिम भरा करतब करने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी, जिसमें पाँच विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय स्कूलों में ऐसे खतरनाक कृत्यों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
इसी तरह सूरजपुर जिले से भी छात्रों द्वारा सड़कों पर वाहनों के साथ जुलूस निकालने और चलती गाड़ियों से लटककर करतब दिखाने के मामले सामने आए हैं। यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए छात्रों द्वारा किया गया यह आचरण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास होना चाहिए, न कि दिखावा या जोखिम उठाना। निर्देशों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा सकती है।

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