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नई शिक्षण विधियों को सीखने के लिए प्रशिक्षण आवश्यक..


बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे सामाजिक विज्ञान विषय के शेष पांच विकासखण्डों के 186 शिक्षकों का प्रशिक्षण मंगलवार को शुरू हुआ। प्रशिक्षण का शुभारंभ डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित करके किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य ने कहा कि शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण बहुत जरूरी है, क्योंकि यह शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों, व्यक्तिगत जरूरतों को समझने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने में सक्षम बनाता है। जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ती है, छात्रों का आत्मविश्वास विकसित होता है और वे 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं। प्रशिक्षण के नोडल कल्याण पाण्डेय और सह नोडल डॉ ऋचा शुक्ला ने बताया कि नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा, आईसीटी का प्रयोग, सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला और शिक्षण की नई विधियों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे बच्चों को सामाजिक अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से समझा सकें और उनकी समझ विकसित कर सकें। सन्दर्भदाता डायट प्रवक्ता डॉ रविनाथ, डॉ गोविन्द प्रसाद, अमन सेन, कंचन, शिवानंद शुक्ल, मृत्युंजय मिश्र द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा, नागरिकता संविधान एवं शासन व्यवस्था के लिए शिक्षण, आर्थिक समझ विकसित करने के लिए शिक्षण, ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ, सामाजिक विज्ञान के लिए नवाचारी शिक्षण विधियां आदि बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डायट प्रवक्ता अलीउद्दीन खान, कुलदीप चौधरी, सरिता चौधरी, वर्षा पटेल, वंदना चौधरी, मो. इमरान खान, शशि दर्शन त्रिपाठी, नवनीत कुमार, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।

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