मिल्कीपुर-अयोध्या। समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह “मिंटू” ने निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा। उन्होंने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है और इस संबंध में उन्हें एक नोटिस भी प्राप्त हुआ है। मिंटू ने बताया कि वे स्वयं विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कैंप लगाकर लोगों के फॉर्म भरवाने में मदद कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनका ही नाम सूची से काट दिया गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चौंकाने वाली है, खासकर तब जब उनका परिवार दशकों से क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता लगभग 40 वर्षों तक ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व करते रहे और प्रधान पद पर रहे।
सपा नेता ने आशंका जताई कि उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, जब एक सक्रिय जनप्रतिनिधि का नाम इस तरह हटाया जा सकता है, तो आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है, जिनके पास जरूरी दस्तावेज जुटाने में दिक्कत होती है। मिंटू ने बताया कि उन्हें एसआईआर मिलान के लिए पासपोर्ट, हाई स्कूल की मार्कशीट और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे तो ये दस्तावेज उपलब्ध करा देंगे, लेकिन कई गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए यह आसान नहीं होगा। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को आम मतदाताओं के लिए परेशान करने वाला बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका नाम केवल सरूरपुर ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज रहा है और कहीं अन्यत्र पंजीकरण नहीं है। मिंटू ने इस घटनाक्रम को “सोची-समझी साजिश” करार देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विचारधारा के आधार पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। आनंद सिंह मिंटू ने बताया कि उन्हें 29 तारीख को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर भी करेंगे।
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