कुशीनगर, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा कुशीनगर ने यूजीसी अधिनियम-2026 को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम की अनुपस्थिति में प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट को सौंपा गया।
महासभा के जिलाध्यक्ष रामनरेश पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समान अवसर और सामाजिक समरसता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को लंबे समय से सामाजिक भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में मानसिक तनाव के कारण छात्रों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा यूजीसी अधिनियम-2026 लागू करने की घोषणा की गई थी। जिससे सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके। महासभा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों द्वारा इस अधिनियम का विरोध किया जा रहा है। जिससे सामाजिक न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को दिए गए आरक्षण के कारण एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण प्रतिशत में कटौती की जा रही है, जो सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कई बार लिखित परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के बावजूद साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों को ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ बताकर चयन से बाहर कर दिया जाता है। महासभा ने प्रधानमंत्री से मांग किया है कि यूजीसी अधिनियम-2026 को जल्द लागू कर सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराया जाए तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक भेदभाव की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। आगे कहा गया है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो बड़े स्तर पर दल बल के साथ आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी प्रेषित किया गया है। इस दौरान अशोक कुमार सिंह युवा जिलाध्यक्ष, रामप्रवेश सिंह पटेल, बसिंदर सिंह पटेल, प्रहलाद सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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