सतत् जल संसाधन प्रबंधन की आवश्यकता : प्रो. डी. नागेश कुमार


अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या के सिविल इंजीनियरिंग विभाग एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वधान में ‘‘जल संसाधनों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव’’ विषय पर एक दिवसीय संवादात्मक विशेष व्याख्यान का आयोजन कुलपति कर्नल डॉ. बिजेन्द्र सिंह के निर्देशन में किया गया।  कार्यक्रम का उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग एवं पर्यावरण विज्ञान के छात्रों एवं शोधार्थियों को जल संसाधन एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में कैरियर की सम्भावनाएं बताना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष भारतीय विज्ञान संस्थान; बैंगलुरू प्रो. डी. नागेश कुमार रहे। उन्होंने  बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा प्रतिरूप में परिवर्तन हो रहा है, जिस का प्रभाव सतह एवं भू-जल संसाधनों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने बाढ़ एवं सूखा जैसी चरम जल घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चर्चा करते हुए सतत जल संसाधन प्रबंधन की आवश्यकता बताई । प्रो. नागेश ने यह भी बताया कि जल संसाधन, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रबंधन, ड्रेन एवं सफाई प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सिविल इंजीनियरी एवं पर्यावरण विज्ञान के छात्रों के लिए भविष्य में विस्तृत कैरियर के अवसर उपलब्ध हैं। प्रो. डी. नागेश कुमार, ने सिविल इंजीनियरी विभाग एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग की सरयू प्रयोगशाला में हो रहे कार्यो से अवगत होते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में हो रहे इस तरह के शोध कार्यों ने उनको बहुत ही प्रभावित किया साथ ही उन्होने युवा शोर्धार्थियों को प्रोत्साहित करने का आश्वासन भी दिया।  कार्यक्रम का शुभारम्भ  अमित सिंह द्वारा किया गया। विषय परिचय डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कराया। कार्यक्रम का समापन प्रो. संत सरण मिश्र, डीन एवं निदेशक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।  इस कार्यक्रम में के.एल. पाण्डेय, डॉ  नवीन पटेल, डॉ.  शोभित श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ.  पियूष राय, मानवेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. रूद्र प्रताप सिंह, डॉ. शशिकान्त शाह, डॉ. सौरभ सिंह, बृजेश कुमार यादव सहित दोनो विभाग के छात्र छात्राए एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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