साइबर क्राइम से बचने के लिए दूर संचार विभाग ने संचार एप किया लांच


० साइबर ठगी से मोबाइल धारकों को बचाने का सर्वोत्तम प्रयास
रायपुर, 04 दिसंबर । इन दिनों प्रदेश एवं देश में बड़ी संख्या में मोबाइल धारकों के साइबर क्राइम करने वालों के गेंग द्वारा संयुक्त रूप से ऑनलाइन ठगी बड़े पैमाने पर की जा रही है जिसमें हर आयु वर्ग के मोबाइल धारक साइबर नियमों की जानकारी नहीं होने पर ठगे जा रहे है। राजधानी सहित प्रदेश के छत्तीस जिले में पुलिस अधीक्षकों द्वारा बार बार लोगों से साइबर क्राइम से बचने की अपील की जा रही है। अजनबी नंबर पर कॉल आने पर निकटतम थाने में रिपोर्ट करने की सलाह भी दी जा रही है बावजूद इसके ठगी में विराम नहीं लग रहा है। साइबर नियमों की जानकारी के लिए स्कूल कॉलेजों में वर्कशॉप भी आयोजित किये जा रहे है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार के दूरसंचार मंत्रालय द्वारा विगत दिनों सारथी एप लॉच किया गया है। इसकी खास विशेषता यह है कि यह न डिलिट होगा और न ही इसे डिसेबल किया जा सकेगा। दूर संचार विभाग (डीओटी) के  मुख्य अधिकारी द्वारा सभी मोबाइल कंपनियों को नये मोबाइलों में बिक्री के पूर्व उक्त एप डालने की अनिवार्यता लागू की गई है। साथ ही संचार एप मोबाइल फोन में होने से विदेश से आने वाले फर्जीवाड़े से भी बचा जा सकेगा। जिन मोबाइल धारकों के मोबाइल में उक्त एप नहीं है। उन्हें फ्री स्टाल करने की सुविधा प्रदाय की गई है। इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश भी केंद्र सरकार ने दिया है। ट्राई के उक्त कदम से लाखों मोबाइल धारकों के साथ हो रही ठगी से सुरक्षा होगी वहीं अनाधिकृत लोगों द्वारा फर्जी तरीके से किये गये कॉल भी मोबाइल धारकों द्वारा उनके मोबाइल सेट में आने पर तत्काल पकड़े जा सकेंगे। उक्त सुविधा से जहां पुलिस प्रशासन बड़े पैमाने पर ठगी रोक सकेगा वहीं मोबाइल धारकों से भी छग पुलिस यह उम्मीद करता है कि इस तरह की घटना होने पर तत्काल मोबाइल धारक द्वारा निकटतम थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं ताकि अपराधियों को उनके द्वारा किये गये साइबर अपराध की कड़ी सजा मिल सके।
संदीप

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