सीएम योगी की मौजूदगी में पीयूष गोयल ने किया ऐलान,


लखनऊ ,15 दिसंबर । उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को आखिरकार नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा राष्ट्रीय परिषद चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में की। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह औपचारिक ऐलान किया गया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पंकज चौधरी को सौंपे जाने के साथ ही संगठन में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। इसी कार्यक्रम में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का निर्वाचन भी संपन्न हुआ। पीयूष गोयल ने कहा कि सर्वसम्मति से पंकज चौधरी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पार्टी के लिए गौरव का विषय है।
पंकज चौधरी की नियुक्ति को भाजपा की सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वह पूर्वांचल के महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सात बार सांसद रह चुके हैं और कुर्मी समाज से आते हैं, जो ओबीसी वर्ग का एक प्रभावशाली हिस्सा है। उत्तर प्रदेश, विशेषकर पूर्वांचल में ओबीसी मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्टी इस फैसले के जरिए सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती साधने की कोशिश में है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, इस नियुक्ति के जरिए विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को जवाब देने और ओबीसी वोट बैंक में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति पर काम किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के करीबी माने जाने वाले पंकज चौधरी का संगठनात्मक अनुभव और केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यकाल भी उनके चयन का अहम आधार रहा। पूर्वांचल में मजबूत जनाधार रखने वाले पंकज चौधरी की ताजपोशी से भाजपा को इस क्षेत्र में राजनीतिक रूप से और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के संबोधन से शुरू हुआ। भूपेंद्र चौधरी ने सबसे पहले राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी के लक्ष्मण, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ महेंद्रनाथ पांडेय, नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक आदि का स्वागत किया। अपने संबोधन में भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन की राजनीति में ऐसा वक्त आता है जब हम अपनी भूमिका बदलते देखते हैं। कितना सीखना, कितना बताना और क्या करना है सब संगठन से तय होता है। पिछले चार साल से एक अभियान चलता रहा और आगे भी ऐसा ही चलता रहे। इसी कामना के साथ हम एकत्रित हुए हैं

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