सीएमएस के व्यावहारिक उपयोग से परिचित हुए विद्यार्थी


अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग द्वारा ’वेब टेक्नोलॉजी विथ सीएमएस’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को आधुनिक वेब तकनीकों और कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम(सीएमएस) के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
कार्यशाला में बीसीए के विभिन्न सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने सहर्ष भाग लिया और विशेषज्ञों ने वेब डिज़ाइनिंग की मूल अवधारणाएँ, डोमेन-होस्टिंग की जानकारी, और सीएमएस के माध्यम से कम कोडिंग में प्रभावी वेबसाइट तैयार करने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा, “आज के डिजिटल युग में वेब टेक्नोलॉजी और सीएमएस का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की कार्यशालाएँ छात्रों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर व्यावहारिक दक्षता प्रदान करती हैं, जो उनके करियर निर्माण में सहायक सिद्ध होती हैं।“
बीसीए समन्वयक डॉ. अनुराग तिवारी ने कहा, “विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए। सीएमएस आधारित वेबसाइट निर्माण कौशल छात्रों को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। कार्यशाला में आमंत्रित अतिथि यश साहू, निदेशक,  एस प्राइवेट टेक्नोलॉजी ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं से अवगत कराते हुए कहा, “आज कंपनियाँ ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास वेब टेक्नोलॉजी और सीएमएस का व्यावहारिक अनुभव हो। यह कौशल फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप और डिजिटल सर्विसेज़ में भी अत्यंत उपयोगी है। कार्यशाला में सहायक आचार्य डॉ. संजीत पाण्डेय, डॉ प्रवीन कुमार राय डॉ कपिल देव,पावनी रस्तोगी, श्री श्याम श्रीवास्तव एवं श्री पवन कुमार ने भी अपने विचार रखें। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जो इस कार्यशाला की सफलता का प्रतीक है।

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