गोण्डा। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा वाराणसी के एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक स्थल मणिकर्णिका घाट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। यह घाट न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता था, बल्कि इसका जीर्णोद्धार एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना के रूप में देखा जाता था। वर्ष 1971 में प्रसिद्ध समाजसेविका माता अहिल्याबाई होलकर ने इसका पुनर्निर्माण कराया था, जिससे यह स्थान इतिहास और संस्कृति के प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया था। इस ध्वंसीकरण की प्रतिक्रिया में एक ज्ञापन गोंण्डा शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सभासद शाहिद अली कुरेशी के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान विभिन्न प्रमुख व्यक्तित्व मनरेगा कोऑर्डिनेटर रघुपति त्रिपाठी, कंट्रोल रूम इंचार्ज सैयद अब्दुल मुजीब, सेवादल अध्यक्ष प्रदुमन शुक्ला, शहर उपाध्यक्ष वसीम सिद्दीकी, रामराज सिंह एडवोकेट, महासचिव आरिज काजी, हरि श्याम सोनी, यूथ जिला अध्यक्षनिजाम हाशमी,अरविंद कुमार शुक्ला, शहर प्रवक्ता जरनील हयात, शहर वक्त विकास मनोहर श्रीवास्तव, पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष अर्जुन वर्मा, मोहम्मद अकील, सुभाष चंद पांडे एडवोकेट, राम बदल, मंजूर अली, और हरिराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह घटना सभी उपस्थित लोगों के लिए एक भावनात्मक क्षण था, और सभी ने जोर देकर कहा कि इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल के ध्वंसीकरण के खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। इस घटना से जुड़े वे सभी लोग इस बात पर एकमत थे कि इस मामले के लिए उचित जांच होनी चाहिए और भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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