कार्यशाला में खान-पान व पारंपरिक कलाओं का दिया गया प्रशिक्षण

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन में ’अमर शहीद संत कंवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केंद्र’ द्वारा आयोजित सात दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सिंधी खान-पान और पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के दूसरे दिन सिंधी पकवानों पर केंद्रित सत्र का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पारंपरिक सिंधी व्यंजनों की बारीकियों से रूबरू कराया। कोमल लखमानी ने पौष्टिक और स्वादिष्ट ’माजून’ बनाने की विधि साझा की। गीत हासानी ने प्रसिद्ध ’सिंधी मीठी टिक्की’ बनाने के गुण सिखाए। सीमा मिठवानी ने पारंपरिक ’रोट’ तैयार करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। व्यंजनों के साथ-साथ हस्तशिल्प कौशल पर भी जोर दिया गया। विनीता मोटवानी ने ’टाई एंड डाई’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया और विद्यार्थियों को कपड़े बांधने की विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्र के संयोजक एवं सिंधी अध्ययन केंद्र के मानद निदेशक प्रो. अनूप कुमार, जैव रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. फर्रुख जमाल एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 60 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर शालिनी पांडेय, डॉ. प्रतिभा, सपना खेतपाल, हर्षा हासानी, कपिल कुमार, प्रतीक रंजन तिवारी सहित कई शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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