बांग्लादेशी झंडे को पैरों तले रौंदा..

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने जिलाधिकारी कार्यालय पर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका और बांग्लादेशी झंडे को पैरों से कुचला। यह प्रदर्शन 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में किया गया।

किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव (धुन्नु भैया) और महानगर अध्यक्ष राजेश सिंह पटेल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने दीपू चंद्र दास की हत्या का विवरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 दिसंबर को उन्मादी भीड़ ने दीपू चंद्र दास को उसकी फैक्ट्री से पुलिस की मौजूदगी में बाहर खींचकर बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसे नंगा कर पेड़ से लटकाया गया और आग के हवाले कर दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, लेकिन बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है। किसान मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि अमल चंद्र दास से लेकर दीपू चंद्र दास तक बीते तीन दशकों में लगभग दो दर्जन अल्पसंख्यक हिंदुओं की निर्मम हत्याएं की जा चुकी हैं, लेकिन अपराधियों को सजा नहीं मिल पाई है।

नेताओं ने बांग्लादेश में जिहादी मानसिकता के तेजी से बढ़ने और हिंदुओं के प्रति नफरत को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि एक समय बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी लगभग 23 प्रतिशत थी, जो अब घटकर मात्र 8 प्रतिशत रह गई है। इस स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताया गया।

भाजकिमो ने भारत सरकार से मांग की है कि बांग्लादेश के खिलाफ कड़े कूटनीतिक कदम उठाए जाएं। उन्होंने भारत स्थित बांग्लादेश दूतावास को बंद करने और दोनों देशों के कर्मचारियों को वापस बुलाने की भी मांग की।

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