सुप्रीम कोर्ट का सम्मान, यूजीसी बहाली को संघर्ष करेंगे

प्रयागराज। प्रयागराज में यूजीसी का समर्थन और विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को डीएम कार्यालय पर लोगों ने यूजीसी एक्ट 2026 के समर्थन में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया। डीएम के माध्यम से सौंपे गए और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्थगनादेश का सम्मान करते हुए यूजीसी एक्ट की बहाली तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. विक्रम ने कहा कि हमने छात्र जीवन और अध्यापन में जातिवाद की पीड़ा का कटु अनुभव किया है, इसीलिए मौका दर मौका हम उचित फोरम पर लगातार कई वर्षों से जातिगत उत्पीड़न की बात उठाते रहे हैं। यूजीसी एक्ट 2026 का जो लोग विरोध कर रहे हैं वो घोर जातिवादी लोग हैं, मुसलमान से साम्प्रदायिक रूप से लड़ाने के लिए और चुनाव में वोट लेने के लिए हमें हिन्दू बना दिया जाता है। जब हक़, सम्मान और बराबरी की बात होती है तब एस सी/एसटी, ओबीसी, आदिवासी बना दिया जाता है।

प्रसिद्ध मजदूर नेता डॉ. कमल उसरी ने कहा कि रोहित बेमुला, डॉ. पायल तांडवी और दर्शन सोलंकी जैसे हजारों छात्रों के शहादत से यूजीसी एक्ट 2026 प्राप्त हुआ है। केन्द्र सरकार की कमजोर पैरवी से सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश दिया है जिसके खिलाफ हम लोग लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

इस दौरान अधिवक्ता धीरेंद्र यादव, राम धीरज मौर्य, अजीत चौधरी, बसन्त लाल, डॉ आर के वर्मा, प्रेमचंद यादव, मंजू वर्मा, एस आर मौर्य, विवेक राणा, विकास यादव, आशीष कुमार पाल, आलोक अम्बेडकर, अनुपम, अनुसंधान मौर्य, प्रसांत, अन्नू सिंह, वीरेंद्र यादव, विकास यादव, क्रांतिकारी सुधीर यादव, सुभम कुमार रंजन, अमित मौर्य, बृजेश कुमार सिंह, राजबहादुर यादव, नीरज कुशवाहा, कमलेश चौधरी, संदीप पाल, जय शंकर यादव, सुरज पाल, उत्तम कुमार गौतम, डॉ एम लाल चेतन, वीरेन्द्र यादव, मनीष, विवेक सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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